Hindi
Surah Al-Layl ( The Night ) - Aya count 21
وَٱلَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰ ﴿١﴾
रात की क़सम जब (सूरज को) छिपा ले
وَٱلنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ ﴿٢﴾
और दिन की क़सम जब ख़ूब रौशन हो
وَمَا خَلَقَ ٱلذَّكَرَ وَٱلْأُنثَىٰٓ ﴿٣﴾
और उस (ज़ात) की जिसने नर व मादा को पैदा किया
إِنَّ سَعْيَكُمْ لَشَتَّىٰ ﴿٤﴾
कि बेशक तुम्हारी कोशिश तरह तरह की है
فَأَمَّا مَنْ أَعْطَىٰ وَٱتَّقَىٰ ﴿٥﴾
तो जिसने सख़ावत की और अच्छी बात (इस्लाम) की तस्दीक़ की
وَصَدَّقَ بِٱلْحُسْنَىٰ ﴿٦﴾
तो हम उसके लिए राहत व आसानी
فَسَنُيَسِّرُهُۥ لِلْيُسْرَىٰ ﴿٧﴾
(जन्नत) के असबाब मुहय्या कर देंगे
وَأَمَّا مَنۢ بَخِلَ وَٱسْتَغْنَىٰ ﴿٨﴾
और जिसने बुख्ल किया, और बेपरवाई की
وَكَذَّبَ بِٱلْحُسْنَىٰ ﴿٩﴾
فَسَنُيَسِّرُهُۥ لِلْعُسْرَىٰ ﴿١٠﴾
तो हम उसे सख्ती (जहन्नुम) में पहुँचा देंगे,
وَمَا يُغْنِى عَنْهُ مَالُهُۥٓ إِذَا تَرَدَّىٰٓ ﴿١١﴾
और जब वह हलाक होगा तो उसका माल उसके कुछ भी काम न आएगा
إِنَّ عَلَيْنَا لَلْهُدَىٰ ﴿١٢﴾
हमें राह दिखा देना ज़रूर है
وَإِنَّ لَنَا لَلْءَاخِرَةَ وَٱلْأُولَىٰ ﴿١٣﴾
और आख़ेरत और दुनिया (दोनों) ख़ास हमारी चीज़े हैं
فَأَنذَرْتُكُمْ نَارًۭا تَلَظَّىٰ ﴿١٤﴾
तो हमने तुम्हें भड़कती हुई आग से डरा दिया
لَا يَصْلَىٰهَآ إِلَّا ٱلْأَشْقَى ﴿١٥﴾
उसमें बस वही दाख़िल होगा जो बड़ा बदबख्त है
ٱلَّذِى كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ ﴿١٦﴾
जिसने झुठलाया और मुँह फेर लिया और जो बड़ा परहेज़गार है
وَسَيُجَنَّبُهَا ٱلْأَتْقَى ﴿١٧﴾
ٱلَّذِى يُؤْتِى مَالَهُۥ يَتَزَكَّىٰ ﴿١٨﴾
जो अपना माल (ख़ुदा की राह) में देता है ताकि पाक हो जाए
وَمَا لِأَحَدٍ عِندَهُۥ مِن نِّعْمَةٍۢ تُجْزَىٰٓ ﴿١٩﴾
और लुत्फ ये है कि किसी का उस पर कोई एहसान नहीं जिसका उसे बदला दिया जाता है
إِلَّا ٱبْتِغَآءَ وَجْهِ رَبِّهِ ٱلْأَعْلَىٰ ﴿٢٠﴾
बल्कि (वह तो) सिर्फ अपने आलीशान परवरदिगार की ख़ुशनूदी हासिल करने के लिए (देता है)
وَلَسَوْفَ يَرْضَىٰ ﴿٢١﴾
और वह अनक़रीब भी ख़ुश हो जाएगा