Hindi Muhammad Farooq Khan
Surah Al-'adiyat ( Those That Run ) - Aya count 11
وَٱلْعَٰدِيَٰتِ ضَبْحًۭا ﴿١﴾
साक्षी है जो हाँफते-फुँकार मारते हुए दौड़ते है,
فَٱلْمُورِيَٰتِ قَدْحًۭا ﴿٢﴾
फिर ठोकरों से चिनगारियाँ निकालते है,
فَٱلْمُغِيرَٰتِ صُبْحًۭا ﴿٣﴾
फिर सुबह सवेरे धावा मारते होते है,
فَأَثَرْنَ بِهِۦ نَقْعًۭا ﴿٤﴾
उसमें उठाया उन्होंने गर्द-गुबार
فَوَسَطْنَ بِهِۦ جَمْعًا ﴿٥﴾
और इसी हाल में वे दल में जा घुसे
إِنَّ ٱلْإِنسَٰنَ لِرَبِّهِۦ لَكَنُودٌۭ ﴿٦﴾
निस्संदेह मनुष्य अपने रब का बड़ा अकृतज्ञ हैं,
وَإِنَّهُۥ عَلَىٰ ذَٰلِكَ لَشَهِيدٌۭ ﴿٧﴾
और निश्चय ही वह स्वयं इसपर गवाह है!
وَإِنَّهُۥ لِحُبِّ ٱلْخَيْرِ لَشَدِيدٌ ﴿٨﴾
और निश्चय ही वह धन के मोह में बड़ा दृढ़ है
۞ أَفَلَا يَعْلَمُ إِذَا بُعْثِرَ مَا فِى ٱلْقُبُورِ ﴿٩﴾
तो क्या वह जानता नहीं जब उगवला लिया जाएगा तो क़ब्रों में है
وَحُصِّلَ مَا فِى ٱلصُّدُورِ ﴿١٠﴾
और स्पष्ट अनावृत्त कर दिया जाएगा तो कुछ सीनों में है
إِنَّ رَبَّهُم بِهِمْ يَوْمَئِذٍۢ لَّخَبِيرٌۢ ﴿١١﴾
निस्संदेह उनका रब उस दिन उनकी पूरी ख़बर रखता होगा