Hindi Muhammad Farooq Khan
Surah Az-Zalzalah ( The Earthquake ) - Aya count 8
إِذَا زُلْزِلَتِ ٱلْأَرْضُ زِلْزَالَهَا ﴿١﴾
जब धरती इस प्रकार हिला डाली जाएगी जैसा उसे हिलाया जाना है,
وَأَخْرَجَتِ ٱلْأَرْضُ أَثْقَالَهَا ﴿٢﴾
और धरती अपने बोझ बाहर निकाल देगी,
وَقَالَ ٱلْإِنسَٰنُ مَا لَهَا ﴿٣﴾
और मनुष्य कहेगा, \"उसे क्या हो गया है?\"
يَوْمَئِذٍۢ تُحَدِّثُ أَخْبَارَهَا ﴿٤﴾
उस दिन वह अपना वृत्तांत सुनाएगी,
بِأَنَّ رَبَّكَ أَوْحَىٰ لَهَا ﴿٥﴾
इस कारण कि तुम्हारे रब ने उसे यही संकेत किया होगा
يَوْمَئِذٍۢ يَصْدُرُ ٱلنَّاسُ أَشْتَاتًۭا لِّيُرَوْاْ أَعْمَٰلَهُمْ ﴿٦﴾
उस दिन लोग अलग-अलग निकलेंगे, ताकि उन्हें कर्म दिखाए जाएँ
فَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًۭا يَرَهُۥ ﴿٧﴾
अतः जो कोई कणभर भी नेकी करेगा, वह उसे देख लेगा,
وَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍۢ شَرًّۭا يَرَهُۥ ﴿٨﴾
और जो कोई कणभर भी बुराई करेगा, वह भी उसे देख लेगा